हाँ, स्वर्ग वास्तविक है। परमेश्वर का वचन हमें इसकी स्पष्ट गवाही देता है। स्वर्ग वह स्थान है जहाँ स्वयं परमेश्वर अपना निवास करता है और यह उनके लोगों के लिए एक अनन्त घर है। यीशु मसीह ने अपने शिष्यों से कहा, "तुम्हारा मन न घबराए; परमेश्वर पर विश्वास रखो और मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत-से निवास स्थान हैं... मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ" (यूहन्ना 14:1-2)।
स्वर्ग वह स्थान है जहाँ पाप कोई प्रवेश नहीं करता। यह स्थान अनन्त आनंद और शांति से भरपूर है, जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति में हम सदा के लिए रहेंगे। प्रकाशितवाक्य 21:4 में लिखा है कि स्वर्ग को इस प्रकार बनाया जाएगा कि वहाँ आँसू, मृत्यु, शोक, विलाप और पीड़ा नहीं होगी। यह उन सब के लिए एक आशा की किरण है जो मसीह में विश्वास रखते हैं।
लेकिन स्वर्ग में प्रवेश केवल यीशु मसीह के द्वारा ही संभव है। उन्होंने हमारे पापों के लिए क्रूस पर अपनी जान दी और फिर मृतकों में से जी उठे ताकि हम नए जीवन में प्रवेश कर सकें। जो कोई अपने पापों से मन फिराकर मसीह में विश्वास करता है, उसे अनन्त जीवन का वचन दिया गया है। यदि हमने अपना जीवन मसीह को समर्पित किया है, तो हम स्वर्ग में अनन्त काल तक उनके साथ रहेंगे। आइए हम इस आशीष को ह्रदय से स्वीकार करें और यीशु मसीह के मार्ग का अनुसरण करें।