Bible Study Helper प्रश्न और उत्तर

बाइबल शोक और हानि के बारे में क्या कहती है?

बाइबल से उत्तर, आपकी भाषा में।

बाइबल शोक और हानि के समय में हमारे लिए सांत्वना और आशा का स्रोत है। यीशु मसीह का जीवन इस बात का प्रमाण है कि वह हमारे दुख और दर्द को समझते हैं। जब लाज़र मरे (यूहन्ना 11:35), तो यीशु ने भी आँसू बहाए, यह दर्शाते हुए कि वह हमारे दुख में हमारे साथ हैं।

भजन संहिता 34:18 कहती है, "यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है और खेदित आत्माओं को बचाता है।" यह हमें आश्वस्त करता है कि जब हम शोक में होते हैं, तब परमेश्वर हमारे अत्यधिक निकट होता है। वह हमारी पीड़ा को देखता और समझता है।

शोक के क्षणों में, बाइबल हमें याद दिलाती है कि हमें अपनी चिंता और दु:ख परमेश्वर पर डालने चाहिए, क्योंकि वह हमारी चिंता करता है (1 पतरस 5:7)। इसके साथ ही मत्ती 11:28-30 में यीशु ने कहा, "हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ! मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।"

इसलिए, शोक और हानि के समय, हम यह जान सकते हैं कि यीशु मसीह में हमें हमेशा सहायता, प्यार और सांत्वना मिलेगी। वह हमें ऐसी आशा और विश्राम प्रदान करते हैं जो इस संसार की परिस्थितियों से परे है। हमारा विश्वास हमें यह भरोसा दिलाता है कि परमेश्वर हर स्थिति में हमारे साथ हैं और हमें अपनी शांति में समाए हुए रखते हैं।

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