बाइबिल हमें आश्वासन देती है कि ईश्वर का प्रेम और शक्ति हमारे शरीर, मन और आत्मा की चँगाई में सक्षम हैं। यीशु मसीह ने जब पृथ्वी पर अपने जीवनकाल में सेवा की, तब अनेक बीमारों को चंगा किया (मत्ती 8:16-17)। इससे यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की इच्छा है कि मनुष्य स्वस्थ और पूरा हो।
याकूब 5:14-15 में लिखा है कि अगर किसी को बीमारी हो तो उन्हें इकट्ठे होकर प्रार्थना करनी चाहिए, और प्रार्थना से प्रभु उसे चंगा करेंगे। परंपरागत रूप से, बाइबिल की चँगाई को दो भागों में देखा जाता है - शारीरिक चँगाई और आत्मिक चँगाई। शारीरिक चँगाई संबंधित है शरीर की बीमारियों से छुटकारा पाना, जबकि आत्मिक चँगाई का सम्बन्ध पाप से मुक्ति और आत्मा की शांति से है।
हालांकि, बाइबल यह भी स्पष्ट करती है कि सभी चँगाई परमेश्वर की इच्छा और उसके समय पर निर्भर करती है (2 कुरिन्थियों 12:7-9)। कभी-कभी, परमेश्वर हमें कठिनाइयाँ सहन कराने के माध्यम से हमारी आत्माओं को और भी गहरा करने का काम करता है।
अंततः, सच्ची चँगाई हमें यीशु में मिलती है, जो हमारे लिए क्रूस पर मरे ताकि हम परमेश्वर के साथ मेल में आ सकें और हमेशा के लिए जीवन प्राप्त कर सकें। जब हम उनसे प्रेम करते हैं और विश्राम पाते हैं, हम अनुभव करते हैं कि कैसे उनकी उपस्थिति हमारे जीवन की हर समस्या और हर दर्द में हमारे साथ चलती है।