प्रिय मित्र, परमेश्वर के प्रेम को समझना कभी-कभी कठिन हो सकता है, विशेषकर जब हम कष्ट और दुःख में होते हैं। पवित्र शास्त्र हमें बताता है कि हमारा परमेश्वर प्रेमी और दयालु है। यद्यपि हम यह नहीं समझ सकते कि हर परिस्थिति में वह हमें कष्ट क्यों सहने देता है, हम यह जान सकते हैं कि उसका हर कार्य हमारे भले के लिए होता है (रोमियों 8:28)।
यूसुफ की कहानी इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है (उत्पत्ति 50:20)। यद्यपि उसके भाईयों ने उसे गुलामी में बेच दिया, परमेश्वर ने उस कष्ट का उपयोग एक बड़े उद्धार कार्य करने के लिए किया। इसी प्रकार, परमेश्वर हमारे कष्टों का उपयोग हमें खुद के करीब लाने और अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कर सकता है।
कभी-कभी कष्ट हमें यह याद दिलाने के लिए आता है कि हमें अपने जीवन में परमेश्वर पर निर्भर रहना चाहिए। यीशु मसीह ने भी कष्ट सहा — क्रूस पर अपने प्रेम की ऊँचाई दिखाते हुए। यह हमें यह विश्वास दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं, और वह हमारे हर दुःख में साथ है।
यदि आप कष्ट में हैं, तो प्रार्थना करें और परमेश्वर से सहायता माँगें। उस पर विश्वास रखें, क्योंकि वह आपके जीवन में अपनी प्रेममय योजना के साथ कार्य कर रहा है। यीशु मसीह में हमें सच्चा शांति और आश्रय मिलता है, और उसी में हमें आशा रखनी चाहिए।