प्रिय मित्र, जीवन के इस महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर पवित्र शास्त्र में मिलता है। जब हम मरते हैं, तो हमारे शरीर और आत्मा अलग हो जाते हैं। हमारा शरीर मिट्टी में लौटता है, लेकिन आत्मा अनंत यात्रा पर जाती है। बाइबल में लिखा है कि मृत्यु के बाद हम न्याय के लिए खड़े होते हैं (इब्रानियों 9:27)।
परन्तु यह जानना आश्वासन का विषय है कि यीशु ने आकर हमारे पापों का दंड स्वयं उठा लिया है, जिससे जो कोई उसमें विश्वास करे, उसे अनन्त जीवन प्राप्त हो (यूहन्ना 3:16)। यीशु ने मृत्यु को जीत लिया है और हमें भी उस पर विजय प्राप्त करने का मार्ग दिखाया है।
यदि आपने अपने हृदय में यीशु पर विश्वास किया है और उससे अपने पापों के लिए क्षमा मांगी है, तो मृत्यु के बाद आपको स्वर्ग में अनन्त जीवन का आश्वासन है। वहाँ कोई दुःख, पीड़ा या आँसू नहीं होंगे (प्रकाशितवाक्य 21:4)। लेकिन यदि आपने उसकी मुक्ति को प्राप्त नहीं किया है, तो पवित्रशास्त्र चेतावनी देता है कि पाप की सजा का सामना करना पड़ेगा।
इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि अभी आप यीशु में अपनी आशा रखें। वह प्रभु है, और केवल वही हमें आशीर्वाद और सच्चे हृदय से प्रेम दे सकता है। मृत्यु का भय हो सकता है, लेकिन यीशु में विश्वास से हमें शांति और आशा प्राप्त होती है।