Bible Study Helper प्रश्न और उत्तर

बाइबिल क्रोध के बारे में क्या कहती है?

बाइबल से उत्तर, आपकी भाषा में।

बाइबिल में क्रोध के विषय पर बहुत सी शिक्षाएं दी गई हैं, जो हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। याकूब 1:19-20 में लिखा है कि हमें “तेजी से सुनने, धीरे बोलने और क्रोध करने में विलम्ब करने वाले” होना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर की धर्मिता उत्पन्न नहीं करता। इसका मतलब यह है कि हमें अपने क्रोध को नियंत्रित करना सीखना चाहिए, क्योंकि यह अक्सर पाप का कारण बन सकता है।

ईफिसियों 4:26-27 में कहा गया है, “क्रोध करो, परन्तु पाप मत करो; सूरज को अपने क्रोध के ऊपर अस्त न होने दो।” इसका मतलब है कि यदि हम क्रोधित होते हैं, तो हमें इसे लंबे समय तक नहीं पकड़ना चाहिए। हमें इसे क्षमा और प्रेम में बदलने की कोशिश करनी चाहिए।

यीशु मसीह हमें सिखाते हैं कि हमें दूसरों को क्षमा करना चाहिए जैसे परमेश्वर ने हमें क्षमा किया है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हमारा उद्धार यीशु के द्वारा है और वह हमें बदलने की सामर्थ्य देता है। जब हम क्रोधित होते हैं, तो हमें परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि वह हमें शांति और धैर्य दे। ऐसा करने से, हम यीशु के समान बनते चलते हैं, जो हमें प्रेम और क्षमा की ओर बुलाते हैं।

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