परमेश्वर ने हमें एक उद्देश्य और प्रेम से भरपूर जीवन जीने के लिए बनाया है। सबसे पहले, परमेश्वर चाहता है कि हम उसे जानें और उससे प्रेम करें। बाइबल में लिखा है, “तू अपने परमेश्वर यहोवा को अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से और अपनी सारी बुद्धि से प्रेम कर” (मत्ती 22:37)। यह उसकी सबसे बड़ी आज्ञा है।
फिर, परमेश्वर चाहता है कि हम दूसरों से प्रेम करें और उनकी सेवा करें। यीशु ने कहा है, “तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख” (मत्ती 22:39)। यह हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है कि हम दूसरों की सहायता करें, उन्हें प्रोत्साहित करें और उनके प्रति दया दिखाएं।
तीसरे, परमेश्वर ने हमें उसकी महिमा के लिए जीने के लिए बुलाया है। हम अपने कार्यों और शब्दों से, और हमारे जीवन में उसकी उपस्थिति के माध्यम से, परमेश्वर की महिमा कर सकते हैं। 1 कोरinthians 10:31 कहता है, “जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिए करो।”
अंत में, परमेश्वर ने हमें बुलाया है कि हम उसके पुत्र, यीशु मसीह, को अपने उद्धारकर्ता और प्रभु के रूप में स्वीकार करें, और उसकी शिक्षाओं के अनुसार जीएं। यह हमारे जीवन को उद्देश्य, आनंद और शांति से भर देता है। अपने जीवन में यीशु को अपना मार्गदर्शक बनाएं, और आप देखेंगे कि परमेश्वर का उद्देश्य आपके जीवन में प्रकट होगा।