हां, बाइबल हमें सिखाती है कि मृत्यु के बाद जीवन है। जब येसु क्रूस पर मरे और फिर मृतकों में से जी उठे, उन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त की। जैसे प्रेरित पौलुस ने 1 कुरिन्थियों 15:20 में कहा कि मसीह मृतकों में से पहले फल के रूप में जी उठे हैं।
मृत्यु के बाद जीवन की यह आशा उन सबके लिए है जो येसु पर विश्वास करते हैं। यूहन्ना 11:25 में येसु ने कहा, "मैं पुनरुत्थान और जीवन हूँ; जो मुझपर विश्वास करता है वह जीवित रहेगा, चाहे वह मर भी जाए।" जो भी येसु के नाम पर विश्वास करता है, उसे अनन्त जीवन का वादा किया गया है।
यह जीवन केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आत्मिक भी है। जब हम येसु पर विश्वास करते हैं, हम एक नए आत्मिक जीवन की शुरुआत करते हैं जो अनन्त है। यह केवल आत्मा के मोक्ष की बात नहीं है, बल्कि एक दिन हमारे शरीर भी पुनर्जीवित होंगे।
इसलिए येसु का विश्वास करना मात्र मृत्यु से बचने का उपाय नहीं, बल्कि एक अनन्त, प्रेममय संबंध में प्रवेश करना है। यह जीवन अनन्त आनंद और परमेश्वर के साथ निकट संबंध का जीवन है। आइए हम येसु के प्रति अपने हृदय को खोलें और इस अनन्त जीवन का उपहार स्वीकार करें।