Bible Study Helper प्रश्न और उत्तर

बाइबिल डर के बारे में क्या कहती है?

बाइबल से उत्तर, आपकी भाषा में।

बाइबिल हमें डर के बारे में बहुत स्पष्ट दिशा-निर्देश देती है। सबसे पहले, यह समझना महत्वपूर्ण है कि हमारे जीवन में कई तरह की चिंताएँ और भय होते हैं। परंतु, परमेश्वर का वचन हमें विश्वास और आशा देता है। 2 तीमुथियुस 1:7 में लिखा है कि "परमेश्वर ने हमें भय की नहीं, बल्कि सामर्थ, प्रेम और संयम की आत्मा दी है।" इसका अर्थ है कि ईश्वर ने हमें डर के आवेश में जीने के लिए नहीं बनाया।

जब हम परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, तो वही हमारा सहारा बन जाता है। भजन संहिता 56:3 कहती है, "जब मैं भयभीत होता हूं, तब मैं तुझ पर भरोसा करता हूं।" यह हमें याद दिलाता है कि हम कितने भी डर में क्यों न हों, हम अपने ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रख सकते हैं।

ईश्वर के पुत्र यीशु मसीह ने अपने शिष्यों से कहा कि "डरो मत" (मत्ती 14:27) क्योंकि वह हमारे साथ हैं। जब हम प्रभु पर नजर रखते हैं, तो डर का कोई स्थान हमारे हृदय में नहीं रह जाता।

इसीलिए, हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि हम अपने जीवन के हर डर को परमेश्वर के सामने रखें और विश्वास करें कि उसका प्रेम और सामर्थ हमें नया साहस और शांति देते हैं। आइए, हम अपने जीवन की हर परिस्थिति में उसके नजदीक रहें और शांति पाएं।

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